
आम जनता के लिए यह दोहरा झटका है, क्योंकि बीते शुक्रवार (15 मई) को ही तेल कंपनियों ने करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की थी. एक ही हफ्ते के भीतर ईंधन की दरों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है.
यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर जारी कूटनीतिक और सैन्य संकट का सीधा परिणाम है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध और ‘हॉर्मुज़ स्ट्रैट’ मार्ग पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं.
पिछले हफ्ते हुई 3 रुपये की बढ़ोतरी से कंपनियों के घाटे में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई थी, लेकिन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के बड़े अंतर (अंडर-रिकवरी) को पाटने के लिए यह ताजा बढ़ोतरी की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकट जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में किश्तों में ऐसी और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
मुंबई में पेट्रोल की कीमत:
91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत:
98.64 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जिसमें 87 पैसे की बढ़ोतरी हुई है; वहीं डीज़ल की कीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर है, जो 91 पैसे ज़्यादा है. राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में क्रूड ऑयल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अब 100-110 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 85 परसेंट से अधिक तेल बाहर से आयात करता है इसलिए वैश्विक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है.
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